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Saturday, 27 September 2014

सफलता की "पीएचडी"

आप ज़िन्दगी में सफलता और आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपको एक ख़ास पीएचडी (PhD) करनी होगी।। इसमें पी यानी पैशन (P), एच यानी हंगर (h) और डी यानी डिसिप्लिन (D) है.. 

लीडरशिप के लिए आपको करनी होगी ख़ास पीएचडी। इस पीएचडी में शामिल हैं आपके भीतरी गुण।।




जब आप किसी काम को पसंद करते हैं तो वह पैशन बन जाता है। पैशन के कारण आपको पता ही नहीं लगता की उस काम में आपने कितना समय खर्च किया। आप काम को बेस्ट तरीके से करने का प्रयास करते हैं। हम ज़िन्दगी में छोटा बड़ा कोई भी काम कर ले, पर यह ज़रूरी है की हम अपने पैशन या जूनून को फॉलो करे। जब हम ये सोचते हैं की सफलता के लिए क्या ज़रूरी है तब मूल्य, प्रतिभा, महत्वाकांक्षा, बुद्धि, अनुशासन, दृढ़ता और भाग्य आदि शब्दों में ही रह जाते हैं। हम में से कई अक्सर जूनून या पैशन को इस लिस्ट में रखना भूल जाते हैं। इस तरह की उत्साह की शक्तिशाली भावना हम सभी के अंदर है, ज़रूरत है तो बस उसे जगाने की.. 
पैशन की कोई उम्र नहीं होती, अगर इंसान अपनी मंजिल को पैशन बना ले, तो उसे आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता। 

अब बात करते हैं हंगर यानी भूख की। आपको अपना लक्ष्य हासिल करने की कितनी भूख है? अगर आप पूरी शिद्दत के साथ अपना टारगेट पूरा करना चाहते हैं तो कड़ी मेहनत करते हैं। बिना शिद्दत के आप बीच राह में रुक सकते हैं। शिद्दत के साथ काम न करने से आप काम से ऊब सकते हैं। इसीलिए आप वही काम करे, जिसे करने की आपके अंदर भूख हो। भूख चाहे खाने की हो या किसी और चीज़ की, ये इंसान से कुछ भी करवा लेती है.. ये बात तो आप भी अच्छी तरह से जानते हैं। 

आखिर में नंबर आता है डिसिप्लिन का। हो सकता है की आपके अंदर जोश और भूख हो, पर यदि आप अनुशासित नहीं हैं तो आप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। अनुशासन के लिए मन को काबू करना पढता है। 
"किसी भी फील्ड में मुकाम हासिल करने के लिए लाइफ में डिसिप्लिन होना बहुत जरूरी है।"
बिना अनुशासन के आप काम को बीच में छोड़कर दूसरी बातों में लग सकते हैं। लक्ष्य से भटकने पर अनुशासन ही आपको सही राह पर ला सकता है..   



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